कोविड-19 में टेक्नोलॉजी एक वरदान

 

कोविड-19 में टेक्नोलॉजी एक वरदान

जैसा कि आप जानते हैं कि आजकल टेक्नोलॉजी का बहुत बड़ा महत्व है हमारी जिंदगी में। आज टेक्नोलॉजी के माध्यम से हम बहुत दूर बैठकर भी अपने रिश्तेदारों से और दोस्तों से बात या वीडियो कॉल कर सकते हैं।

मुझे याद है 1998 का ग्वालियर का वह जमाना जब हमें एक ईमेल टाइप करने के लिए एक एक मिनट के हिसाब से पैसे देने पड़ते थे। इंटरनेट का खर्चा लगभग 100 रुपए प्रति घंटा होता था, धीरे धीरे यह खर्चे कम होते गए और हम सभी टेक्नोलॉजी के पास पहुंचते गए। समय के साथ साथ लैंडलाइन फोन की जगह मोबाइल ने ले ली, फिर कुछ वर्षों बाद स्मार्टफोन आए और उन्होंने पुराने मोबाइल फोन को, डिजिटल कैमरे को, केलकुलेटर को और घड़ियों को लगभग खत्म ही कर दिया।

आज की जनरेशन फेसबुक, लिंकडइन, टि्वटर और व्हाट्सएप को बहुत अच्छे से जानती है। आज फेसबुक और लिंकडइन हमारे लिए बहुत उपयोगी है, जिसके माध्यम से हम अपने अपनों से संपर्क बनाए रख सकते हैं। हमारा मोबाइल एक तरह से पूरी तरह एक कंप्यूटर है जिसे हम साथ में लिए कहीं पर भी जा सकते हैं।

दो साल पहले मैं ग्वालियर में सेज यूनिवर्सिटी इंदौर के एक एजुकेशन फेयर में स्टूडेंट्स और पेरेंट्स को संबोधित कर रहा था, तब मुझसे एक पिता ने प्रश्न पूछा कि मेरा बेटा मोबाइल को बहुत यूज करता है और मैं इस से बहुत परेशान हूं, उन्होंने मुझसे कहा कि आप मेरी समस्या का समाधान बताइए, मैंने उनसे कहा कि आप उसे यूज करने दें उसे पता है कि उसे कहां रुकना है। 

अप्रैल 2020 के पहले किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि सभी स्टूडेंट्स को ऑनलाइन एजुकेशन लेनी होगी, पहले जिस मोबाइल को या लैपटॉप को स्टूडेंट का टाइमपास करने का साधन कहा जाता था, उसका इतना सार्थक उपयोग होगा किसी ने भी नहीं सोचा था 

आज के कोविड-19 के माहौल में टेक्नोलॉजी अपना काम बहुत ही अच्छे तरीके से निभा रही है, पिछले 1 वर्ष से हम सभी इसके गवाह हैं। हर कॉलेज, हर स्कूल आज के समय में ऑनलाइन प्लेटफार्म का उपयोग कर रहा है। सभी तरह के ऑनलाइन प्लेटफार्म मोबाइल ऐप के रूप में भी उपलब्ध हैं। आज हमारी सेज यूनिवर्सिटी पूरी पढ़ाई ऑनलाइन ही करा रही है और हमारे सभी विद्यार्थी लैपटॉप पर या मोबाइल पर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं।

अगले लेख में मैं आप सभी को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के बारे में विस्तृत जानकारी दूंगा और आप सभी को उसे यूज करने के तरीके बताऊंगा।

प्रो. (डॉ.) अखिलेश उपाध्याय

डीन - इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संकाय एवं

निदेशक - सेज इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी,

सेज विश्वविद्यालय, इंदौर


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